फ्लैशबैक कंटिन्यू,,,,,
हॉस्पिटल में,,,
रूह इस वक्त रिहांश को ही सवालिया नज़रों से देख रही थी।वह पागल इंसान उसे अपने बाहों में जकड़ कर रख दिया था, जिस वजह से रूह बहुत ही मुश्किल से हिल पा रही थी।
वही रिहांश का चेहरा गुस्से से भर गया था।वह घूर कर रूहानी को देखते हुए कहता है,
" अब बोलोगी भी ? "
वही रूहानी को कुछ समझ नहीं आ रहा था की रिहांश उसे इस तरह सवाल क्यों कर रहा है।रूहानी फिर आस पास देखती है।वह दोनो इस वक्त वीआईपी वार्ड में थे।और रात का वक्त था जिस वजह से हॉस्पिटल में ज्यादा लोग भी नहीं थे।
रूहानी उसे खुद से दूर करने की ना काम कोशिश करते हुए उससे कहती है,
" मुझे इस तरह क्यों पकड़ा है, छोड़ो मुझे ? "
रूहानी बिना उसकी किसी भी सवाल का जवाब दिए ही उससे अलग होने की कोशिश करते हुए कहती है तो रिहांश का चेहरा सक्त हो गया।वह फिर अपना गर्दन थोड़ा टेढ़ा कर अपना गर्दन रब करने लगता है।ऐसा कर वह अपना गुस्सा शांत करने की कोशिश कर रहा था।
वही रूहानी तो उससे अलग होने की कोशिश कर रही थी।लेकिन अचानक से उसे रूम का टेंपरेचर गिरता हुआ मेहसूस हुआ तो वह आस पास देखते हुए रिहांश को देखती है।
रिहांश को देखते ही रुहानी की सांसे अटक गई।वही रिहांश का चेहरा इस वक्त गुस्से से कांप रहा था।उसकी माथे पर नसे उभर आए थे।और उसके माथे पर हल्के से पसीना भी आ रहा था।
रूहानी अपना थूक निंगलते हुए रोनी सी शकल बना कर उससे कहती है,
" आ ,,आप ऐसे क्यों देख रहे है मिस्टर आर्यन प्लीज मुझे छोड़ दीजिए। "
रिहांश इस वक्त किसी पागलों जैसे हरकत करते हुए उसे देख रहा था।वह पागल ही था।बस दुनिया इस बात से अंजान थी।
रिहांश रूहानी की चेहरे के बेहद खरीब झुकने लगा तो रूहानी कसके अपने आंखे बंद कर उससे छुटने लगी लेकिन वह अब रिहांश आर्यन की पकड़ में आ चुकी थी।छूटना तो मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन था।
रिहांश अभी भी उसे ऐसे ही देखते हुए उसके चेहरे के बेहद करीब बढ़ रहा था।वह फिर बेहद कोल्ड वाइस में बोला ,
" तुमने अभी तक जवाब नही दिया रूह!! "
रूहानी झट से अपने आंखे खोल कर रिहांश को देखने लगती है। रिहांश का चेहरे का भाव अभी भी डरावना लग रहा था।और उसकी पकड़ रूहानी पर कस रही थी।उसे इस वक्त जवाब चाहिए था क्यों की अंदर ही अंदर उसके मन में रूहानी के लिए हजार सवाल उठ चुके थे।वह बेचैन हो रहा था जानने के लिए की रूहानी कितने लडको के करीब ऐसे गई होगी।
रुहानी को डर लग रहा था।जब सुबह उसने रिहांश का चेक अप किया था तब रिहांशा इतना गुस्सा और डरवाना नही लगा था लेकिन इस वक्त रिहांश का औरा बिलकुल अलग था।
रूहानी को अब भी कुछ न बोलता देख रिहांश उससे अलग हो कर आस पास के सारे चीज़े नीचे फेंकने लगता है।
रूहानी जितना कामोश थी उतना ही रिहांश के दिल में शोर मची थी।वह इंसान उसके जवाब के लिए क्यों इतना तड़प रहा है उसे खुद नही पता था।
लेकिन दवाई से भी जायदा उसे सुकून उस लड़की की करीब रहने से मिल रहा था।
रूहानी डरते हुए अपने दोनो कान पर हाथ रख कर रिहांश का पागलपन देख रही थी।वह फिर अपने मन में बोली,
" रूह,इस पेशेंट का हालत ज्यादा ही बिगड़ा हुआ है,क्या जरूरत थी तुम्हे डॉक्टर मानसा की बात मानने का ? अब भुगतो। "
रूहानी थोड़ा हिम्मत कर , बेड से नीचे उतर कर रिहांश को शांत करने का तरीके सोचते हुए उसके करीब आती है।वही रिहांश अपने ही धुन में सारे चीज़े फेंक रहा था। रुहानी डरते हुए उसका हाथ पकड़ने लगी तो रिहांश गुस्से से उसे वही दीवार से सटा कर अपने दांत पीसते हुए कहता है,
" जवाब चाहिए मुझे ? "
रुहानी हैरानी से उसके आंखों में देखने लगती है।उसे रिहांश का बरताव समझ नही आ रहा था।वह सब कुछ उसका पर्सनल मैटर था।लेकिन रिहांश क्यों जानना चाहता था।
वही रिहांश गुस्से से अपना चेहरा मसलते हुए उसे देख रहा था।तभी रूहानी उससे कहती है,
" मेरे जितने भी पेशेंट्स है सारे लड़किया ही है !!! "
रिहांश रूहानी को ही देख रहा था।उसका जवाब सुन कर रिहांश की आंखे छोटी हो गई।वह उसके और बेहद करीब जाते हुए कहता है,
" क्या मतलब है तुम्हारा ,में तुम्हे लड़की नजर आता हु ? "
रुहानी को अपना सर ले जा कर दीवार को मारने का मन कर रहा था।वह गुस्से से चिड़ते हुए कहती है,
" में बस अपने पेशेंट्स के बात कर रही हु। "
रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए।वह भी तो उसका पेशेंट था लेकिन रूहानी ने काउंट नही किया था। क्यों की रिहांश डॉक्टर का पेशेंट था।बस आज के लिए ही उसने रूह को भेजा था।
रिहांश गुस्से से रूहानी से बोला ,
" फिर में कोन हु ? "
" यह तो आप जाने !! " रुहानी रिहांश को खुद से थोड़ा अलग कर उसे ले जा कर बेड पर बैठाते हुए कहती है।वही रिहांश उसे ही देख रहा था।वह फिर रूह को देखते हुए तेज आवाज में अभिनव को आवाज लगाता है।
अभिनव बाहर ही था।रिहांश की आवाज सुनते ही वह भाग कर वार्ड में आया तो रिहांश,रूहानी को अपने तरफ खींच कर अपने गोद में बैठा लेता है।उसका इस रिएक्शन से रूहानी और अभिनव एक साथ शॉक में आ गए।
वही रूहानी उससे अलग होने की कोशिश करने लगी।वह लड़की कब से यही तो कर रही थी,लेकिन रिहांश से अलग होना उसके लिए ज्यादा ही मुश्किल हो रहा था।वह इंसान उसे छोड़ ही नही रहा था।
रिहांश,रूहानी को अपने आप से सटा कर उसके आंखों में देखते हुए अभिनव को सक्त आवाज में कहता है,
" इस लड़की का डिटेल्स निकालो,और हा आज के बाद इसके आस पास भी कोई लड़का मंडराना नहीं चाहिए,got it। "
अभिनव तो कबसे सदमे में गया था।वह अपने आंखे फाड़ कर रिहांश और रूहानी को देख रहा था।वही रूह उसे खुद से दूर करते हुए कहती है,
" मेरे डिटेल्स क्यों चाहिए आपको ? छोड़िए मुझे मिस्टर आर्यन !! "
" तुम गए नही अभी तक !! " रिहांश रूहानी को और कसके पकड़ कर उसकी आंखो में देखते हुए अभिनव से कहता है जो उन्हें ही हैरानी से देख रहा था।
रिहांश का आवाज सुन कर अभिनव हड़बड़ा गया।वह हकलाते हुए उससे कहता है,
" जी बॉस!! "
" Out,,!! " रिहांश रूहानी के होंठो पर अपनी उंगलियां चलाते हुए कहता है तो अभिनव वह से बाहर चला गया।वही रूहानी को बहुत ही अनकंपर्टेबल फील हो रहा था,वह उसे खुद से दूर करते हुए कहती है,
" प्लीज छोड़ो मुझे ,यह क्या हरकत है मिस्टर आर्यन !!! "
रिहांश रूहानी को ले कर वही लेट जाता है।वही रूहानी अपना पूरी ताकत इकट्ठा कर उसे खुद से दूर करने की कोशिश करने लगती है।वही रिहांश बेहद गहराई से रूहानी को देख रहा था।
फिर उसके बालो पर हाथ फेरते हुए वह अपने मन में बोला,
" पूरी रात उस दवाई को लेता ही रहा जिससे मुझे रिलैक्स फील होता था लेकिन जब से तुम आई हो न तब से उस दवाई का असर ही नही हो रहा है,उस दवाई से ज्यादा तुम्हारा यह खुशबू मेरे दिल को बेहद पसंद आ गया है,बेहद सुकून सा मेहसूस करने लगा हूं में। "
रिहांश रूह को स्निफ करते हुए अपने मन में बोले जा रहा था। रूहानी थक गई थी।वह जितना कोशिश करती उतना रिहांश का पकड़ मजबूत होता।तो वह कोशिश करना ही बंद कर देती है।वही रिहांश उसकी चेहरे के बेहद करीब आ कर उसे स्निफ कर रहा था।
रूहानी को अजीब सा डर लग रहा था।वह अपना रोनी सी शकल बना कर उससे कहती है,
" प्लीज छोड़ दो मिस्टर आर्यन ,मुझे जाना है!! "
रिहांश अपना चेहरा ऊपर कर उसकी आंखो में देखने लगता है।रूहानी की आंखे नम थे और उसका चेहरा डर से पिला पड़ रहा था।वही रिहांश उसके गाल पर हाथ रख कर उससे बेहद सख्त मगर धीरे से कहता है,
" तुम मुझे मिस्टर आर्यन नही सिर्फ रिहांश कहोगी,और में तुम्हे रूह। "
रिहांश का ओरा इस वक्त ज्यादा ही सीरियस लग रहा था लेकिन हरकते बिल्कुल पागलों वाली थी।और वही रूहानी को रिहांश के बर्ताव से डर लग रहा था।वह उससे कहती है,
" ठीक है में आपको रिहांश कहूंगी ,अब छोड़ दो। "
रिहांश की चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई।वह झुक कर उसके गाल पर अपना गाल रब करते हुए कहता है,
" That's my girl,,!! "
रिहांश का इस तरह गाल रब करने से रूहानी सिहर रही थी।और उसकी बात से उसकी बड़ी बड़ी आंखें और बड़ी हो गई।वह थोड़ा हकलाते हुए उससे कहती है,
" क्या कहा आपने ? "
रिहांश उससे अलग हो कर उसे ही देखने लगता है।फिर वह कुछ बोलने को हुआ की तभी वार्ड का डोर अचानक से ओपन हुआ तो रिहांश की आंखे कसके बंद हुए।वही रूहानी डरते हुए सामने देखने लगती है।
सामने इस वक्त अंकिता और एक मिडिल एज का आदमी खड़ा था।और वह दोनो इस वक्त रूहानी और रिहांश को ही हैरानी से देख रहे थे।
वही रूहानी रिहांश से अलग होने की ना काम कोशिश करते हुए कहती है,
" मिसेज आर्यन,प्लीज आपके बेटे से मुझे बचालो यह कब से मुझे पकड़ कर अपने पागलपन दिखाते जा रहे है।
"
रूहानी की बात सुन कर रिहांश की आंखे खुली।और वह मुड़ कर सामने खड़े अंकिता और उस आदमी को देखता है जो उसका बाप था लेकिन रिहांश उन्हे बाप मानता नहीं था।
उनका नाम विश्वास आर्यन था।विश्वास को चेहरा इस वक्त उन दोनो का पोजीशन देख बहुत गुस्सा आ रहा था।वही अंकिता चुपचाप खड़ी थी।
वही रिहांश उठ कर बैठ जाता है।लेकिन उसने रूहानी को छोड़ा नहीं था।वह कसके रूहानी को अपने गले लगा कर सामने खड़े विश्वास को एक नज़र देख कर अंकिता से कहता है,
" मिसेज आर्यन,,,,,!!! "
" रिहांश,,,!!! " रिहांश के मु से अपने लिए मिसेज आर्यन सुन कर अंकित उसके करीब बढ़ते हुए कहती है तो रिहांश की चेहरे के भाव बदलने लगी।
वह फिर अंकिता को हाथ दिखा कर,वही रोक देता है।फिर वह रूह को देखता है।वह तो कबसे उसकी बाहों में छटपटा रही थी।रिहांश धीरे से उसके चेहरे को स्निफ करते हुए,बेहद गुस्से से विश्वास को एक नजर देख अंकिता से कहता है,
" जब जब आप मिस्टर विश्वास आर्यन के साथ दिखेंगे तब तब आप मेरे लिए सिर्फ मिसेज आर्यन ही रहेंगे मां ,नही नही मिसेज अंकिता विश्वास आर्यन। "
उसकी बातो में बेहद गुस्सा था।वही रूह उसे ही देख रही थी।वही अंकिता,एक नजर विश्वास को देख कर रिहांश के पास जाने लगी तो रिहांश उनसे कहता है,
" No मिसेज आर्यन,मेरे पास वही लोग आते है जिन्हे में आने देता हु so please । "
रिहांश की बात सुन कर विश्वास की हाथो की मुट्ठी बन गई थी।विश्वास और अंकिता को अभिनव से खबर मिल चुकी थी इसीलिए वह दोनो रिहांश से मिलने आए थे।रिहांश कैसे रूहानी के साथ बर्ताव कर रहा है यह भी उन्हें खबर अभिनव से ही मिली थी।
वही रुहानी को गुस्सा आ रहा था।ना विश्वास उसे रिहांश से छुड़वाने की कोशिश कर रहा था और नाही अंकिता।यह तो अलग ही फैमिली ड्रामा चल रही थी।
तभी अभिनव वार्ड में आ कर रिहांश को ग्रीट करते हुए कहता है,
" बॉस,, ma'am का पूरा नाम रुहानी ऋषभ रघुवंशी है,जो की एक सैकियाट्रिस्ट,यह मिसेज मानसा के अंडर है उन्होंने ही आपके पास आज का ट्रीटमेंट देने भेजा था। "
" हम्मम्मम्म ट्रीटमेंट तो बहुत अच्छी मिली है मुझे इनसे !! " रिहांश रूहानी की चेहरे को बेहद पागलों की तरह स्निफ करते हुए कहता है।
वही रूहानी उससे छुटने की कोशिश करने लगी थी।विश्वास और अंकिता रिहांश की बात सुन कर एक दूसरे को देखने लगते है।उनका यह पागल बेटा आज पहली बार एक लड़की को इतना करीब आने दिया था और उसे ऐसे पकड़ कर बैठा था जैसे किसी बच्चे को उसकी मन पसंद चीज मिली हो।
वही अभिनव अपनी बात बीच में ही रोक कर रिहांश और रूहानी को देखने लगा था।वही रिहांश,रूहानी की आंखो में देखते हुए अभिनव से कहता है,
" आगे ,,,!!! "
अभिनव फिर बोला , " बॉस, ma'am की कोई भी लड़का पेशेंट नही है और इनका कोई ब्वॉयफ्रेंड भी नही है लेकिन इनके लिए घरवाले लड़के डूंड रहे है !! "
अभिनव इतना बोल कर चुप हो गया।वही रिहांश रूहानी की बालो में हाथ फेरते हुए उससे थोड़ा सख्त आवाज में कहता है,
" अब जाओ और उ
न्हें भी साथ ले जाओ जिन्हे तुमने यह बुलाया था। "
To be continued,,,,,,,,,,
Hi guys ,,
फ्लैशबैक एंड होगा जल्दी ही ,चैप्टर कैसा लग कॉमेंट कर बताएगा


Write a comment ...